Indian Olympic history: भारत की पहली ओलंपिक टीम में शामिल थे 6 खिलाड़ी

ओलंपिक में भारत का सफर

ओलंपिक में भारत का सफर अब तक बहुत अच्छा नहीं रहा है। हालांकि, भारत ने वर्ष 1900 में पहली बार ओलंपिक में भाग लिया था। तब ओलंपिक में भाग लेने वाले भारत के एकमात्र खिलाड़ी नॉर्मन प्रिचार्ड ने एथलेटिक्स में दो रजत पदक जीते थे। 116 साल के बाद भी रियो डि जनेरियो ओलंपिक 2016 में भारत ने मात्र दो पदक (एक रजत और एक कांस्य पदक) जीते थे। ग्रीष्मकालीन ओलंपिक में भारत ने अब तक कुल 26 पद जीते हैं जिनमें 9 गोल्ड मेडल, 6 सिल्वर मेडल और 11 ब्रॉन्ज मेडल हैं। जबकि शीतकालीन ओलंपिक में भारत ने अब तक एक भी मेडल नहीं जीता है।

भारत की पहली ओलंपिक टीम में शामिल थे 6 खिलाड़ी

ओलंपिक खेलों की शुरुआत 1896 में एथेंस से हुई थी। भारत ने 1900 के बाद 1920 के ओलंपिक खेलों में भाग लिया और पहली बार एक टीम भेजी, जिसमें चार एथलीट्स और दो रेसलर थे। हालांकि, भारतीय टीम को खाली हाथ लौटना पड़ा था। तब से भारत ने हर ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों में भाग लिया है। रियो ओलंपिक 2016 के लिए भारतीय दल में 118 खिलाड़ी शामिल थे और भारत ने 15 खेलों में भाग लिया था।

भारत के नाम लगातार 6 गोल्ड मेडल जीतने का रिकॉर्ड

ओलंपिक गेम्स में भारत का हॉकी में प्रदर्शन शानदार रहा है। 1928 और 1980 तक ओलंपिक में भारतीय हॉकी टीम का दबदबा बना रहा। इस दौरान हुए 12 ओलंपिक खेलों में भारत ने हॉकी में 11 पदक जीते, जिनमें 8 स्वर्ण पदक थे। भारतीय हॉकी टीम ने 1928-1956 तक ओलंपिक में लगातार छह स्वर्ण पदक जीते थे। ओलंपिक में आज भी किसी देश की टीम इस रिकॉर्ड की बराबरी नहीं कर पाई है।

भारत ने लंदन ओलंपिक 2012 में सर्वाधिक 6 पदक जीते थे जिसमें 2 रजत और 4 कांस्य पदक शामिल हैं। भारत आखिरी बार बीजिंग ओलंपिक 2008 में गोल्ड मेडल जीतने सफल हुआ था। शूटर अभिनव बिंद्रा ने 10 मीटर एयर राइफल इवेंट में यह सफलता हासिल की थी।

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